राजा भगवान निषाद राज व महर्षि कश्यप का जन्मोत्सव मनाया

रावतभाटा(शिव सिंह चौहान)। राणा प्रताप सागर डेम इंडिया गेट के घाट पर बुधवार को कहार भोई मछुआ समाज के आराध्य देव भगवान निषाद राज वह महर्षि कश्यप का जन्म उत्सव हर्ष उल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कहार भोई कश्यप निषाद मेहरा माझी किर मल्लाह मछुआ समाज जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भोई ने की भगवान निषाद राज और महर्षि कश्यप के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया  और बताया कि निषादराज मछुआरों और नाविकों के राजा थे वह श्रृंगवेरपुर में राज्य करते थे भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर जा रहे थे तब निषादराज ने ही अपनी नाव से प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्‍मण जी को गंगा नदी पार करवाई थी वे ही उस नाव के केवट थे वनवास के बाद प्रभु राम ने पहली रात निषादराज  के यहां बिताई थी। राजा निषादराज ने प्रभु राम के ठहरने और भोजन का इंतजाम किया था। शृंगवेरपुर में इंगुदी (हिंगोट) के पेड़ के नीचे बैठकर प्रभु राम ने निषादराज से संवाद किया था। उनके जीवन दर्शन को प्रेरणादाई बताया उनके आदर्शों को आत्मसात करने पर जोड़ दिया बताया कि हमारा समाज जीवन और जीवन की रचना की उत्पत्ति जितना ही पुराना है लेकिन हमारा अस्तित्व भगवान श्री राम भगवान निषाद कालू केवट महर्षि कश्यप के द्वारा किए गए कार्यों से सामने आया जिसका विवरण रामायण में मिलता है हर युग में हमने समाज की सेवा की है महाभारत काल में भी समाज के अन्य नाम का विवरण है। देश में हम लोग उपजातियों से जाने जाते हैं कहार भोई कश्यप केवट मल्लाह निषाद बाथम साहनी किर तुराह बिंद मांझी एकलव्य मछुआ आदि। दुर्गेश कहार ने बताया कि समाज को एक सूत्र में जोड़ने के लिए शिक्षा की ओर ध्यान देना चाहिए दुर्गेश कहार, कन्हैया कहार, लखन कश्यप, धनपाल कहार, दीपक कहार, मंगल केवट, अजय कहार, ऋतिक कहार, संतोष बाई, दीपाली बाई, रेखा कहार, पूजा कहार आदि कई लोग उपस्थित थे।