जाती-पंथ से ऊपर उठकर जहां भी आपस मे मिलेंगे हिंदू वहां बोलें राम-राम:  महामंडलेश्वर हंसराम

भीलवाड़ा(मूलचन्द पेसवानी)। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन ने भीलवाड़ा में हरि शेवा धाम प्रांगण में चैत्र नववर्ष प्रतिपदा पखवाड़ा के अन्तर्गत प्रतिदिन भजन संध्या कार्यक्रम में मंगलवार को समस्त सनातन हिन्दू समाज से किया राम राम बोलने और घर में शस्त्र, दंड, अथवा लट्ठ रखने का आव्हान। महामंडलेश्वर ने कहा कि हम हिंदुओं को जाती–पंथ से ऊपर उठना है, "राम राम" शब्द का उपयोग ही समस्त हिंदुओ को एक दूसरे से जोड़े रखेगा। जब हिंदू राम राम बोलना चालू करेगा उस दिन हिंदू राष्ट्र होगा। भारतीय संस्कृति में "राम राम" शब्द का उपयोग अनादि काल से ही अभिवादन और स्मरण के लिए किया जाता रहा है, जो राम के प्रति श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है। स्वामी ने कहा कि आप शास्त्र अपने घर मे रखते है लेकिन शस्त्र नहीं रखते है, शास्त्र की रक्षा शस्त्र करता है। एक हाथ में भाला ओर एक हाथ मे माला, सुख चाहो तो सेवा करो सुख चाहो तो सुमिरन करो। आज से सब जन अपने घर में शस्त्र, दंड, लट्ठ अथवा भाला अवश्य रूप से रखें। इसी के साथ स्वामी हंसराम ने सबको संकल्प दिलाया जब भी हम हिन्दू मिलेंगे तो एक दूसरे को राम राम बोलेंगे। स्वामी ने उपस्थित जनसमूह को दो संकल्प दिलाए, एक जब हम हिन्दू मिलेंगे तो एक दूसरे को राम राम बोलेंगे और सब घर में शस्त्र, दंड अथवा लट्ठ अवश्य रखेंगे। आपको बता दे कि महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम हिंदुत्व की अलख जगाने के लिए देश–विदेश में धर्म सभा, सत्संग आयोजन करते है और सनातन समाज में हिंदुत्व की अलख जगाते है। स्वामी जी भारत के साथ ही कई अन्य देशों में भी हिंदुत्व की अलख जगाने के लिए धर्मसभा करते रहे है।